


"उल्टा तीर पर एक और साहसिक बहस"
जड़ता-मूढ़ता में जकडे हमारे भारतीय समाज को उल्टा तीर की एक और चुनौती। उत्तेजक बहस के इस मंच पर बहस का एक और जलजला। इस बार की बहस समलैंगिकता पर" क्या परदों में बंद समलैंगिक रिश्तों को समाज स्वीकृति दे दे ?" इस बार उल्टा तीर पर समाज में तेज़ी से बढ़ रहे इस चलन पर पूरे महीने बेबाक चर्चा और बहस। बहस में भाग लीजिए। अपने विचार खुल कर रखिये, क्योंकि बहस शुरू हो चुकी है मेरे दोस्त।
आपका;
अमित के सागर
(उल्टा तीर)
आपका;
अमित के सागर
(उल्टा तीर)