सालगिरह पन्द्रह अगस्त के दिन मानते हैं. इस बार उल्टा तीर एक नए ज़ज्बे से देश की आज़ादी के इस महा पर्व को आप सभी के साथ एक नए अंदाज़ में मनाने का अभिलाषी है. "एक चिट्ठी देश के नाम..." इस सिलसिलें में हम और आप मिलकर लिखेंगे एक चिट्ठी अपने प्यारे देश के नाम. इस में आप अपनी अभिव्यक्ति किसी भी विधा में कर सकते हैं।आज की तारीख में "एक चिट्ठी देश के नाम" लिखना एक अनोखा और अलहदा अनुभव व् अहसास हो सकता है. प्रायः यह पुरानी बातें हो चलीं हैं जब हम खातो-किताबत करते थे, देश , गाँव, शहर से दूर अपने माता-पिता, भाई-बहिन, दोस्त या फिर प्रेमी-प्रेमिका को चिट्ठी लिखना होता था...आज चीज़ों में काफी परिवर्तन आ चुका है, इनसबके तरीकों में बदलाव आया है...बिरले ही सही मग़र आज भी बहुत से लोग खातो-किताबत का सिलसिला रखते हैं...और भी कि चिट्ठी लिखना अपने मन की बात कहना भी है...इसी कड़ी में उल्टा तीर आप सभी से अपने प्यारे देश के लिए १५ अगस्त के महा पर्व पर चिट्ठी लिखने के लिए अपील करता है।
तो लिख भेजिए अपने देश के नाम इक़ चिट्ठी- कह दीजिये इस बार अपने दिल की बात जो भी कहना चाहते हों अपने देश से आप. हमें आपकी चिट्ठियों का १४ अगस्त तक इंतज़ार रहेगा. अपने बारे में सक्षित परिचय व अपने एक तस्वीर के साथ उल्टा तीर को भेज दीजिये "एक चिठ्ठी देश के नाम"
१५ अगस्त के बाद "उल्टा तीर" फ़िर से लौट रहा है सामाजिक, राजनैतिक उन सभी मुद्दों पर बात करने के लिए जिन पर बहस अभी वाकी है मेरे दोस्त...इस बारगी उल्टा तीर पर कुछ नई रोचक चीज़ें होंगी वहीं कुछ ऐसे प्रावधान जो पाठकों, लेखकों को उल्टा तीर से और भी मजबूती से जोडेंगे ताकि हम सब एक ताकत बन सकें, एक सार्थक कदम उठा सकें, बुराई के ख़िलाफ़ चल सकें, झूंठ जैसे जिंदगी को अपने जीवन से निकाल सकें, सच को अपना सकें, सच और अच्छाई का आचरण अपने जीवन में ला सकें, बे-मानी की नियति ख़ुद के अन्दर से मिटा सकें, इमानदारी को बचा सकें व अपने समाज व् देश को नया हिन्दुस्तां बना सकें! इक़ नए जोश के साथ उल्टा तीर करेगा बात हम सबकी, समाज की देश की...चाहिए बस आपका सहयोग, ताकि बन सकें हम बेहतर! उल्टा तीर आपके रचनात्मक व व्यवहारिक सहयोग की अपेक्षा करता है। कृपया हमें अपने सुझाव लिख भेजें। आभार; उल्टा तीर