
अगर आप प्रधानमन्त्री पद के उम्मीदवार बनते हैं और अंततः अगर आप "प्रधानमन्त्री" बन जाते हैं तो देश में क्या नया करना चाहेंगे और क्या परिवर्तन लाना चाहेंगे जिसकी हम सबको नज़ाकत दिखती है? चूँकि पिछली पोस्ट में हुई चर्चा के तहत भी और अन्य तमाम लोगों से बात करने के बाद यह तो स्पष्ट हो ही गया है कि देश को परिवर्तन की ज़रुरत है. चूँकि देश में बहुसंख्यंक आबादी युवा है और तमाम तरह के संकट भी युवावों पर ही हैं तो क्यों न देश का प्रतिनिधत्व एक युवा करे बजाय किसी भी ६० या ७० बरस के प्रधानमन्त्री के! तो क्या आप प्रधानमन्त्री बनने या बनाने के लिए तैयार हैं? अपना मत दीजिये, बहस कीजिए, सवाल देश का है, आपका है, आपके विकास का है!
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उल्टा तीर पर कुछ ज़ायज कारणों से पिछले काफी दिनों से कोई चर्चा न हो सकी, इसका हमें खेद है. उल्टा तीर अपनी सामजिक जिम्मेदारियां हर स्तिथि-परिस्तिथि में बखूबी निभाता रहेगा, ऐसी पूरी उम्मीद है. बस आपका साथ मिले, हम चाहते हैं जो बदलाव- वो ज़रूर हो- एक नए रूप में समाज खिले, ये देश हर तरह से उन्नति की राह चले...
[अमित के सागर]