* उल्टा तीर लेखक/लेखिका अपने लेख-आलेख ['उल्टा तीर टोपिक ऑफ़ द मंथ'] पर सीधे पोस्ट के रूप में लिख प्रस्तुत करते रहें. **(चाहें तो अपनी फोटो, वेब लिंक, ई-मेल व नाम भी अपनी पोस्ट में लिखें ) ***आपके विचार/लेख-आलेख/आंकड़े/कमेंट्स/ सिर्फ़ 'उल्टा तीर टोपिक ऑफ़ द मंथ' पर ही होने चाहिए. सधन्यवाद.
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शुक्रवार, 14 नवंबर 2008

बहस के पूरक प्रश्न: समाधान मिलके खोजें

उल्टा तीर पर जारी बहस में एक पाठक लिखते हैं "सभी लोग हिन्दुओ से संयम की अपेक्षा करते है। इसका कारण हिन्दुओ की कमजोरी है या उनकी महानता ?"। वास्तव में यह किसी के लिए भी एक बड़ी चिंता की बात हो सकती हैं कि इस समय आंतकवाद हमारे सामने नए नए रूप में आगे आ रहा है । बहुसंखय्क या अल्पसंख्यक हिंदू या मुस्लिम आंतकवाद सिर्फ़ आंतकवाद ही है ? इसे मज़हबी चश्मे से देखना किसी भी दृष्टि में उचित नही हो सकता । दरअसल आंतकवादी वो अतिवादी लोग है जो समाज राष्ट्र और विश्व के विन्यास को चोट पहुचना चाहते है । ज़रा इन प्रश्नो पर गौर करे :
) क्या बम ये जानता है कि वो जहाँ फटेगा वहां लोग हिंदू हैं या मुसलमान) क्या किसी बहुसंख्यक समाज के आंतकवादी द्वारा बम रखने से सिर्फ़ अल्पसंख्यक ही मारे जायेंगे ?

ऐसा कतई नही हो सकता। क्या ये ज़रूरी नही कि अब आंतकवादियों को केवल आंतकवादी ही माना जाए ?
आतंकवाद से लडाई के लिए ज़रूरी है कि समाज अब अपने नज़रिए में भी बदलाव लाये । सरकार को चाहिए कि वो अधिक अधिक से यूथ वेलफेयर के कार्यक्रम आगे लाये युवाओं को उसमें शामिल करे । युवाओं की ऊर्जा का सृजनात्मक उपयोग करे ताकि युवा समाज की बेहतरी केलिए काम करे । न कि उसके विध्वंस के लिए । आपकी सहभागिता की वजह से ये बहस नए निष्कर्षों पर पहुँच रही है । इस हेतु आप सभी साधुवाद के पात्र है । आंतकवाद केवल बहस का मुद्दा न रहे बल्कि कुछ समाधान हम भी मिलकर सोचे । आतंकवाद से कैसे लड़ा जाए?

संदर्भ: "धार्मिक कट्टरता और आंतकवाद"

इस विषय पर अपने अमूल्य विचार अवश्य देक्योंकि अब बहस नही हल चाहिए एक बेहतर कल चाहिए मेरे दोस्त !!

11 टिप्‍पणियां:

  1. आतंकवाद से कैसे लड़ा जाए......?????
    लडाई तो उनसे की जाती है जो सामने हो ये तो छुप के वार करते हैं और ये कुछ चाहते नही हैं जिहाद,मजहब, ये सब नाम के लिए इनका कोई मकसद नही है.......
    इनके लिए ये रोजगार बन गया है कमाई का एक साधन बन गया है........
    जिससे ये अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं लोगो के अन्दर डर बैठा कर

    ..aapka swagat hai….
    “बदले-बदले से कुछ पहलू”
    http://akshaya-mann-vijay.blogspot.com/

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  2. आतंकवाद से कैसे लड़ा जाए......?????
    भाई साहब ये तो आपने भी माना है और बहुत से अन्य लोग भी मानते है की आतंकवाद का मुख्य कारण युवा मे बढती बेरोज़गारी अहम् कारण रही है सबसे पहले तो यदि हो सके तो सभी हाथो को काम देना होगा और उसके बाद उन युवा और जिम्मेदार प्रोड लोगो को ये जिम्मेदारी भी उठानी होगी की वो केवल धन के लिए कोई ग़लत कार्य चाहए झूठ बोलना ही हो नही करेंगे यदि हम छोटी से छोटी बुराई को ख़त्म कर सके अपने अन्दर से तो बुराई रहेगी ही नही और तब आतंकवाद जैसी बड़ी बुराई की तो कोई सोच भी नही सकता
    लकिन सवाल फ़िर भी रहेगा की क्या हम इसके लिए तैयार है या नही क्युकी दुनिया हमसे ही बदलेगी
    इसलिए किसी ने कहा भी है
    कौन कहता है की आकाश मे छेद नही हो सकता कोई एक तबियत से पत्थर तो उछालो यारो ......

    उत्तर देंहटाएं
  3. राजनीतिक व्यक्तियों को अरब सागर में पहुंचा दें, सब कुछ ढर्रे पर आ जायेगा.बढती जनसंख्या पर लगाम कसें, मंहगाई और भ्रष्टाचार पर काबू करें, जुडिशियरी को पारदर्शी बनायें, आतंकवाद अपने आप काबू में आ जायेगा.

    उत्तर देंहटाएं
  4. दोस्त माय आप के विचारो से सहमत हु / आतंकवादियो को सिर्फ़ आतंकवादी ही मानना चाहिए चाहे जिस किसी धर्म का हो , उसे उसी वक्त गोली मार देनी चाहिये

    उत्तर देंहटाएं
  5. मालेगाँव की घटना के बाद तो आतंकवाद धर्म और समुदाय की सारी सीमाओं के पार चला गया लगता है...
    पर आपका स्वागत है...

    मेरे ब्लॉग पर सभी का स्वागत है...

    उत्तर देंहटाएं
  6. Bhai sagar jee,
    Apne bahoot hee jvalant mudde par bahas chhedi ha.Is samaya hamare desh hee naheen poore vishva men atankvad jis tarah se badh raha ha ,yah ek chintajanak vishaya ha.Aur is samasya par hamen ab khool kar bat karnee hogee aur iska kuchh samadhan bhee dhoondhana haga.(yahan hamen se mera matlab sirf buddhijeeviyon se naheen balki am janta se bhee han)
    Mujhe lagta ha ki is mudde ka solution pane ke liye pahal to buddhhijeevee hee karen,lekin hamen ek aisa manch ya samooh bhee banana chahiye jo pore desh men ghoom ghoom kar am janta se vichr vimarsh kare,unse bhee is samasya se nipatne ke raste poochhe.
    Doosaree bat dharmik kattarta...yeh bhee bahoot kuchh jimmedar ha atankvad ko badhawa dene ke liye.
    Hamen am janta ko har halat men ye massage convey karna chahiye,unhen samjhana chahiye ki ham manuchya pahle han .Hindoo,Muslim.Sikh,Isai
    bad men.
    Jis din ham poore vishva ko yah samjha sakenge ki ham sirf manav han aur manavta hee hamara dharm ha ,voh din shayad is atankvad,dharmik unmad aursare jhagdon ke samapti ka din hoga.
    Jvalant mudde par bahas shuru karne ke liye meree badhai.
    Hemant Kumar

    उत्तर देंहटाएं
  7. Bhai sagar jee,
    Apne bahoot hee jvalant mudde par bahas chhedi ha.Is samaya hamare desh hee naheen poore vishva men atankvad jis tarah se badh raha ha ,yah ek chintajanak vishaya ha.Aur is samasya par hamen ab khool kar bat karnee hogee aur iska kuchh samadhan bhee dhoondhana haga.(yahan hamen se mera matlab sirf buddhijeeviyon se naheen balki am janta se bhee han)
    Mujhe lagta ha ki is mudde ka solution pane ke liye pahal to buddhhijeevee hee karen,lekin hamen ek aisa manch ya samooh bhee banana chahiye jo pore desh men ghoom ghoom kar am janta se vichr vimarsh kare,unse bhee is samasya se nipatne ke raste poochhe.
    Doosaree bat dharmik kattarta...yeh bhee bahoot kuchh jimmedar ha atankvad ko badhawa dene ke liye.
    Hamen am janta ko har halat men ye massage convey karna chahiye,unhen samjhana chahiye ki ham manuchya pahle han .Hindoo,Muslim.Sikh,Isai
    bad men.
    Jis din ham poore vishva ko yah samjha sakenge ki ham sirf manav han aur manavta hee hamara dharm ha ,voh din shayad is atankvad,dharmik unmad aursare jhagdon ke samapti ka din hoga.
    Jvalant mudde par bahas shuru karne ke liye meree badhai.
    Hemant Kumar

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  8. मेरे एक मित्र हैं, वो दिन ब दिन कट्टरता होते जा रहे हैं। मैं आज ही उन्हें सलाह देने जा रहा हूं कि इस ब्लॉग पर आएं।
    यहां पर हो रही चर्चा शायद उनकी सोच को बदल सके।

    उत्तर देंहटाएं
  9. कट्टर धार्मिक संगठनों की आड़ ले कर ही आतंकवादी अपने पाँव पसार रहे है!....आख़िर नुकसान तो पब्लिक का ही होता है!...नेता लोग तो छानबीन में समय बरबाद करके, अमन-चैन स्थापित करने के झूठे आश्वासन देते है!.... नेरे विचार से कट्टर धार्मिक संगठानों को जिम्मेदार मान कर सख्त कदम उठाने चाहिए!

    उत्तर देंहटाएं
  10. मैंने मरने के लिए रिश्वत ली है ,मरने के लिए घूस ली है ????
    ๑۩۞۩๑वन्दना
    शब्दों की๑۩۞۩๑

    आप पढना और ये बात लोगो तक पहुंचानी जरुरी है ,,,,,
    उन सैनिकों के साहस के लिए बलिदान और समर्पण के लिए देश की हमारी रक्षा के लिए जो बिना किसी स्वार्थ से बिना मतलब के हमारे लिए जान तक दे देते हैं
    अक्षय-मन

    उत्तर देंहटाएं
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    उत्तर देंहटाएं

आप सभी लोगों का बहुत-बहुत शुक्रिया जो आप अपने कीमती वक़्त से कुछ समय निकालकर समाज व देश के विषयों पर अपनी अमूल राय दे रहे हैं. इस यकीन के साथ कि आपका बोलना/आपका लिखना/आपकी सहभागिता/आपका संघर्ष एक न एक दिन सार्थक होगा. ऐसी ही उम्मीद मुझे है.
--
बने रहिये हर अभियान के साथ- सीधे तौर से न सही मगर जुडी है आपसे ही हर एक बात.
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आप सभी लोगों को मैं एक मंच पर एकत्रित होने का तहे-दिल से आमंत्रण देता हूँ...आइये हाथ मिलाएँ, लोक हितों की एक नई ताकत बनाएं!
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आभार
[उल्टा तीर] के लिए
[अमित के सागर]

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[बहस जारी है...]

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